Famous foreign travellers in India Historyभारत के इतिहास में प्रसिद्ध विदेशी यात्रियों की सूची

Famous foreign travellers in India History

Traveller’s name: Deimachos
Nationality: Greek
Time of visit: 300-273 BC
Visit during the reign of: Came in India at the reign of Bindusara

Traveller’s name: Megasthenes
Nationality: Greek
Time of visit: 302- 298 BC
Visit during the reign of: He came to court of Chandragupta Maurya
His work: An Ambassador of Selecus I of Syria. He wrote Indica in which he described social and administrative conditions under the Mauryas


Traveller’s name: Fa Hien/Faxian
Nationality: Chinese
Time of visit: 399 A.D.-412 A.D.
Visit during the reign of: He visited India during Chandragupta II Vikramaditya.
His work: He was a Buddhist Monk and the first Chinese pilgrim to visit India to collect Buddhist texts and relics. He also visited Lumbini, the birth place of Buddha. He described his journey in his travelogue 'Record of Buddhist kingdoms'

Traveller’s name: Hiuen Tsang
Nationality: Chinese
Time of visit: 629-645 A.D.
Visit during the reign of: He visited India during the reign of Harshavardhana.
His work: He came through Tashkent and Swat Valley. His book is Si-yu-ki or the 'Records of Western World.

Traveller’s name: I-Tsing
Nationality: Chinese
Time of visit: 671-695 AD
His work: He visited India in connection with Buddhism.

Traveller’s name: Al-Masudi
Nationality: Arab
Time of visit: 957 AD
His work: He has given an extensive account of India in his work ‘Muruj-ul-Zehab’

Traveller’s name: Al Beruni
Nationality: Persian
Time of visit: 1000-1025 A.D.
His work: He came along with Mahmud of Ghazni. First Muslim scholar to study India. Known as Founder of Indology. He travelled all over India and wrote a book ‘Tahqiq-i-Hind’

Traveller’s name: Marco Polo
Nationality: Italian
Time of visit: 1254-1324 A.D.
Visit during the reign of: A Venetian traveller, visited South Indian state Kakatiya under Rudrmadevi .
His work: ‘The Book of Sir Marco Polo’ gives an account of the economic history of India. A was a well known European traveller who visited many eastern countries.

Traveller’s name: Ibn Battuta
Nationality: Morrocan
Time of visit: 1333 A.D.
Ibn Battuta was appointed a Qadi, or judge, by Muhammad bin Tughluq.

Traveller’s name: Shihabuddin Al-Umari
Nationality: Arabic
Time of visit: 1348 AD
His work: He came from Damascus. He has given a vivid account of India in his book, ‘Masalik albsar fi-mamalik al-amsar

Traveller’s name: Nicolo Conti
Nationality: Italian
Time of visit: 1420-1421 AD
Visit during the reign of: He came during the rule of Devaraya I of Sangam dynasty of Vijayanagar empire.
His work: He gave a comprehensive account of the Hindu kingdom of Vijaynagar.

Traveller’s name: Abdul Razzak
Nationality: Persian
Time of visit: 1442-1445 AD
Visit during the reign of: Came during the rule of Devaraya II of Sangam dynasty of Vijayanagar empire.
His work: He was the ambassador of Shahrukh of Timurid Dynasty. He stayed at the court of the Zamorin at Calicut. He has given a vivid account of the Vijaynagar Empire.

Traveller’s name: Afanasy Nikitin
Nationality: Russian
Time of visit: 1469-1472 AD
His work: A Russian merchant who documented his Indian visit in a narrative, 'The Journey beyond Three Seas'. He had visited the Bahmani Sultanate. He describes the condition of the Bahmani kingdom under Muhammad III (1463-82).

Traveller’s name: Durate Barbosa
Nationality: Portuguese
Time of visit: 1500-1516 AD
His work: He has given a valuable narrative of the government and the people of the Vijaynagar Empire.

Traveller’s name: Domingo Paes
Nationality: Portuguese
Time of visit: 1520-1522 AD
He visited the court of Krishnadeva Raya (1509-1529) of Tuluv Dynasty of Vijayanagar Empire.

Traveller’s name: Fernao Nunes
Nationality: Portuguese
Time of visit: 1535-1537
Visit during the reign of: Came during the rule of Achutya Deva Raya (1529-1542) of Tuluv Dynasty of Vijayanagar empire.
His work: He wrote the history of the empire from its earliest times of the closing years of Achyutdeva Raya’s reign. He was a chronicler and horse trader.

Traveller’s name: Jan Huyghen Van Linschoten
Nationality: Dutch
Time of visit: 1583 AD
His work: He travelled extensively along the East Indies' regions under Portuguese influence and served as the Portuguese Viceroy's secretary in Goa between 1583 and 1588.

Traveller’s name: William Hawkins
Nationality: British
Time of visit: 1609-1611 AD
Visit during the reign of: He visited the court of Jahangir. He was an English ambassador of King James I.

Traveller’s name: Sir Thomas Roe
Nationality: British
Time of visit: 1615-1619 AD
Visit during the reign of: Arrived at Jahangir's court.
He was the ambassador of King James I.

Traveller’s name: Edward Terry
Nationality: British
Time of visit: 1616 AD
He was one of the first writers to describe vegetarianism (in India) to Early Modern England

Traveller’s name: Pietro Della Valle
Nationality: Italian
Time of visit: 1623-1624 AD
Visit during the reign of: He visited the King Vekatappa Nayaka of Keladi in India.

Traveller’s name: Sir William Norris
Nationality: British
He was the Company's ambassador to the Mughal Empire.
Visit during the reign of: He visited during Aurangzeb's reign.

Traveller’s name: John Fryer
Nationality: British
Time of visit: 1672-1681 AD
His work: He was an English traveller. He has given a vivid account of Surat and Bombay.

प्लिनी - यह भारत में पहली शताब्दी में आया था प्लिनी द्वारा ' नेचुरल हिस्ट्री ' ( Neutral History ) नामक पुस्तक लिखी गयी है। इस पुस्तक में भारतीय पशुओं,पेड़ों,खनिजों आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है

टॅालमी - ' भारत का भूगोल ' नामक पुस्तक के लेखक टॅालमी ने दूसरी शताब्दी में भारत की यात्रा की थी।

मेगास्थनीज - यह एक यूनानी शासक सैल्युकस निकेटर का राजदूत था जो 302 ई.पू. चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। यह 6 वर्षों तक चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहा और ' इंडिका ' नामक पुस्तक लिखी। इस पुस्तक से मौर्य युग की संस्कृति,समाज एवं भारतीय इतिहास की जानकारी प्राप्त होती है ।

डाइमेकस - यह बिन्दुसार के राजदरबार में आया था । डाइमेकस सीरीयन नरेश आन्तियोकस का राजदूत था। इसके द्वारा किये गए विवरण मौर्य साम्राज्य से संबंधित है।

डायोनिसियस - यह यूनानी राजदूत था जो सम्राट अशोक के दरबार में आया था। इसे मिस्र के नरेश टॅालमी फिलेडेल्फस द्वारा दूत बनाकर भेजा गया था।

फाहियान - यह एक चीनी यात्री था जो गुप्त साम्राज्य में चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में 405 ई. में भारत आया था तथा 411 ई. तक भारत में रहा। इसका मूल उद्देश्य भारतीय बौद्ध ग्रंथों की जानकारी प्राप्त करना था। इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश की जनता को सुखी और समृद्ध बताया है।

हेुंएनसाँग - यह भी एक चीनी यात्री था जो हर्षवर्धन के शासन काल में भारत आया था। यह 630 ई. से 643 ई. तक भारत में रहा तथा 6 वर्षों तक नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की। हुएनसाँग के भ्रमण वृत्तांत को सि-रू-की नाम से भी जाना जाता है।इसके विवरण में हर्षवर्धन के काल के समाज,धर्म एवं राजनीति का उल्लेख है

संयुगन - यह चीनी यात्री था जो 518 ई. में भारत आया था। इसने अपनी यात्रा में बौद्ध धर्म से संबंधित प्रतियाँ एकत्रित किया।
इत्सिंग - इस चीनी यात्री ने 7 वी शताब्दी में भारत की यात्रा की थी। इसने नालंदा विश्वविद्यालय तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय का वर्णन किया है।

अलबरूनी - यह भारत महमूद गजनवी के साथ आया था। अलबरूनी ने ' तहकीक-ए-हिन्द या 'किताबुल हिन्द' नामक पुस्तक की रचना की थी। इस पुस्तक में हिन्दुओं के इतिहास,समाज, रीति रिवाज, तथा राजनीति का वर्णन है।

मार्कोपोलो - यह 13 वी शताब्दी के अन्त में भारत आया था। यह वेनिस का यात्री था जो पांडय राजा के दरबार में आया था।

इब्नबतूता - यह अफ्रीकी यात्री मुहम्मद तुगलक के समय भारत आया था।मुहम्मद तुगलक द्वारा इसे प्रधान काजी नियुक्त किया गया था तथा राजदूत बनाकर चीनी भेजा गया था। इब्नबतूता द्वारा ' रहेला ' की रचना की गई है जिससे फिरोज तुगलक के शासन की जानकारी मिलती है।

अलमसूदी - यह अरबी यात्री प्रतिहार शासक महिपाल प्रथम के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा 'महजुल जबाह' नामक ग्रंथ लिखा गया था।

अब्दुल रज्जाक - यह ईरानी यात्री विजयनगर के शासक देवराय द्वितीय के शासन काल में भारत आया था।

पीटर मण्डी - यह यूरोप का यात्री था जो जहांगीर के शासन काल में भारत आया था।

बाराबोसा - यह 1560 ई. में भारत आया था जब विजयनगर का शासक कृष्णदेवराय था।

निकोला मैनुकी - यह वेनिस का यात्री था जो औरंगजेब के दरबार में आया था। इसके द्वारा ' स्टोरियो डी मोगोर ' नामक ग्रंथ लिखा गया जिसमें मुगल साम्राज्य का वर्णन है।

बेलैंगडर डी लस्पिने - यह एक फ्रासीसी सैनिक था जो 1672 ई. में समुद्री बेड़े के साथ भारत पहुँचा था। इसके द्वारा पाण्डिचेरी नगर की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान रहा था।

जीन बैप्टिस्ट तेवर्नियर - यह शाहजहां के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा ही भारत के प्रसिद्ध हीरा ' कोहिनूर ' की जानकारी दी गई हैं।

कैप्टन हॅाकिग्स - यह 1608 ई. से 1613 ई. तक भारत में रहा। यह जहांगीर के समय भारत आया था तथा ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया। यह फारसी भाषा का जानकार था। इसके द्वारा जहांगीर के दरबार की साज सज्जा तथा जहांगीर के जीवन की जानकारी प्राप्त होती है।

सर टामस रो - यह 1616 ई. में जहांगीर के दरबार में आया था। इसके द्वारा जहांगीर से ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए व्यापारिक सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया गया था।

बर्नियर - यह एक फांसीसी डाँक्टर था जो 1556 ई. में भारत आया था। इसने शाहजहां तथा औरंगजेब के शासन काल का विवरण किया है। इसकी यात्रा का वर्णन ' ट्रेवल्स इन द मुगल एम्पायर ' में है जो 1670 ई. में प्रकाशित हुआ था।

हमिल्टन - यह एक शल्य चिकित्सक था जो फारुखसियार के शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रतिनिधि मंडल का सदस्य बनकर भारत आया था।